सही ब्यांत और अधिक दूध उत्पादन के लिए पशु को दें, उत्तम क्वालिटी का ‘कैल्शियम’ सप्लीमेंट

 


डेयरी फार्मिंग में एक छोटी-सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। कई किसान यह सोचते हैं कि अगर पशु को सही आहार और पानी मिल रहा है, तो वह पूरी तरह स्वस्थ रहेगा। लेकिन क्या होगा अगर आपकी गाय-भैंस दूध देते हुए अचानक खड़ी न हो पाए, दूध कम देने लगे, या फिर ब्याने के तुरंत बाद कमजोरी महसूस करे?

डेयरी फार्मिंग में एक छोटी-सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। कई किसान यह सोचते हैं कि अगर पशु को सही आहार और पानी मिल रहा है, तो वह पूरी तरह स्वस्थ रहेगा। लेकिन क्या होगा अगर आपकी गाय-भैंस दूध देते हुए अचानक खड़ी न हो पाए, दूध कम देने लगे, या फिर ब्याने के तुरंत बाद कमजोरी महसूस करे?

लेकिन कई डेयरी किसान इस समस्या से अनजान रहते हैं, जिससे उनके पशु कैल्शियम की कमी के कारण विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हैं। ब्याने के बाद पशु सुस्त हो जाता है, उसकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, और दूध उत्पादन में गिरावट आ सकती है। पशु को उठने-बैठने में दिक्कत होती है, जिसे मिल्क फीवर कहा जाता है। इसके अलावा, प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है, और गंभीर स्थिति में ब्याने के बाद पशु की अचानक मृत्यु तक हो सकती है।

कैल्शियम की कमी का मुख्य कारण ब्याने के दौरान पशु के शरीर में इसकी बढ़ी हुई मांग है। इस समय पशु को अधिक मात्रा में कैल्शियम की जरूरत होती है, लेकिन अगर आहार संतुलित न हो तो यह कमी बढ़ सकती है। अनियमित पोषण, कम गुणवत्ता वाला पशु आहार और लगातार अधिक दूध उत्पादन भी कैल्शियम की कमी को बढ़ाते हैं। अत्यधिक दूध देने वाली गाय-भैंसों में कैल्शियम तेजी से अवशोषित  होता है, जिससे शरीर में इसकी उपलब्धता कम हो जाती है।

कैसे करें ब्याने से पहले और बाद में कैल्शियम की पूर्ति?

ब्याने से पहले ही पशु को कैल्शियम सप्लीमेंट देना शुरू करना जरूरी है, ताकि उसका शरीर इस बढ़ी हुई जरूरत के लिए तैयार हो सके। संतुलित आहार में प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्व शामिल करें, जिससे पशु स्वस्थ रहे और कमजोरी न आए। प्री-बर्थ और पोस्ट-बर्थ दोनों अवस्थाओं में कैल्शियम युक्त सप्लीमेंट देना जरूरी होता है, ताकि दूध उत्पादन में कोई रुकावट न हो। साथ ही, पशु चिकित्सक से नियमित परामर्श लेते रहें, जिससे समय पर सही देखभाल हो सके और पशु को किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बचाया जा सके।

कैल्सी 15000 सप्लीमेंट को कितनी मात्रा में दें?
  • 10 लीटर दूध देने वाले पशु को – 100 ml प्रतिदिन
  • 15 लीटर दूध देने वाले पशु को – 150 ml प्रतिदिन
  • 15 लीटर से अधिक दूध देने वाले पशु को – 200 ml प्रतिदिन
कैसे और कब दें?
इसे रातिब (concentrate) में मिलाकर या पानी के साथ पिलाएं।
सुबह और शाम, दोनों समय इसे देना फायदेमंद रहेगा।

कब नहीं देना चाहिए?
ब्याने के 15 दिन पहले इसे देना बंद कर दें, ताकि पशु का शरीर प्राकृतिक रूप से तैयार हो सके।
ब्याने के तुरंत बाद दोबारा शुरू करें, ताकि दूध उत्पादन और पशु की सेहत प्रभावित न हो।

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ब्याने से पहले और बाद में कैल्सी 15000 पशुओं के लिए सबसे उत्तम कैल्शियम सप्लीमेंट है। इसमें सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि कई आवश्यक सूक्ष्मखनिज तत्व और विटामिन भी होते हैं, जो पशु को स्वस्थ रखते हैं।

कैल्सी देने के लाभ:
  • 150% ज्यादा कैल्शियम- उच्च मात्रा से हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
  • अधिक दूध उत्पादन – दूध की मात्रा बढ़ाने में सहायक।
  • बेहतर प्रजनन क्षमता – पशु का प्रजनन चक्र सही रहता है।
  • अच्छा स्वास्थ्य – पशु को ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है।
  • शतावरी और जीवंती युक्त – आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से समृद्ध।
  • बीमारियों से बचाव – रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
निष्कर्ष: अगर आप चाहते हैं कि आपका पशु स्वस्थ रहे, अधिक दूध दे और लंबी उम्र तक ऊर्जावान बना रहे, तो मेरापशु360 ऐप पर जाएं और किफायती दाम में ऑनलाइन 'कैल्सी 15000' सप्लीमेंट ऑर्डर करें, वो फ्री होम डिलीवरी सुविधा के साथI

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