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Showing posts from December, 2023

पशु आहार में संतुलित पोषण का महत्त्व : पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिए इसलिए जरुरी है (हिंदी)

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किसान भाइयों आज हम पशुओं के लिए संतुलित पशु आहार के बारे में बताएंगे कि पशु आहार में संतुलन का क्या महत्त्व हैI कोई भी भोजन चाहे वो पशु के लिए हो या फिर इंसान के लिए उसमें प्रोटीन, एनर्जी, कार्बोहाइड्रेट एवं फैट, मिनरल्स, विटामिन्स और इनके अंदर का संतुलन जरुरी होता हैI पशुओं को सही पशु आहार देना बहुत महत्वपूर्ण है। देखा जाए तो इनका मुख्य भोजन चारा है। लेकिन चारे से पशुओं को सभी पोषक तत्व उत्पादन के अनुसार नहीं मिलते हैं। पशुओं के आहार में कई पोषक तत्वों जैसे- कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, खनिज आदि शामिल होना चाहिए। यदि आपको पशु आहार का पूरा सदुपयोग करना है तो प्रोटीन, फैट, फाइबर, मिनरल्स, विटामिन्स यह सभी आपको पशु को एक साथ देने होंगेI हमारे अधिकतर किसान भाई अक्सर पशु आहार में पशु को कभी केवल सरसों की खल खिलाते हैं, जब सरसों की खल खिलाते हैं तो प्रोटीन अधिक होती है और एनर्जी कम हो जाती हैI तो कभी वो पशु को केवल अनाज खिलाते हैं तो एनर्जी अधिक और प्रोटीन कम हो जाता है। दोनों दशाओं में दी गयी अधिक प्रोटीन एवं अधिक एनर्जी का पशु के दुग्ध उत्पादन और शारीरिक वृद्धि में कोई लाभ नहीं होताI इसक...

मेरापशु360 चना चूरी की विशेषताएं हैं खास दूध की क्षमता और फैट बढ़ाने में मददगार (हिंदी)

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  चने की चूरी एक पारंपरिक पशु आहार हैI जिसे पशु चाव से पसंद करके खाते हैंI आम तौर पर डेयरी  किसान अपने पशु को चने की चूरी खिलाते हैंI यह दूध उत्पादन बढ़ाने, स्वास्थ्य एवं पाचन को ठीक रखने  में सहायक हैI चने की चूरी पशुओं के लिए एक बेहतरीन आहार है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। चने की चूरी पशुओं का दूध बढ़ाने एवं स्वस्थ रखने में मदद करती है।  डेयरी किसान अपने पशु को चने की चूरी खिलाना पसंद करते हैं। यह दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है, साथ ही यह स्वास्थ्य और पोषण को ठीक रखने में सहायक है। बाजार में मिलने वाली चने की चूरी में मिलावट हो सकती है, इसलिए आप मेरापशु360 की प्रीमियम चना चूरी खरीद सकते हैं। इसमें प्रोटीन और एनर्जी का संतुलित स्रोत होता है। चने की चूरी में पाए जाने वाले पोषक तत्व इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट,फाइबर,विटामिन्स, मिनरल्स जैसे-आयोडीन, कापर, आयरन, फॉस्फोरस शामिल हैंI चने की चूरी से दूध और फैट कैसे बढ़ता है? चने की चूरी में प्रोटीन की उचित मात्रा होती है। प्रोटीन पशुओं के शरीर के विकास औ...

दुधारू पशुओं में एनर्जी का महत्त्व: इसलिए जरूरी है संतुलित 11000 हाई एनर्जी पैलेट्स (हिंदी)

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दुधारू पशुओं को दूध उत्पादन के लिए अधिक मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है। दूध उत्पादन के लिए पशु अपने शरीर की संचित ऊर्जा का उपयोग करता है। यदि पशु को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती है, तो उसका वजन कम हो जाता है, स्वास्थ्य गिरता है, और दूध उत्पादन भी प्रभावित होता है। आमतौर पर, ताजे ब्यांत और अधिक दूध देने वाले पशुओं के आहार में ऊर्जा की कमी पाई जाती है। पशु के कम खाने एवं दूध उत्पादन बढ़ने से इस ऊर्जा का अभाव और अधिक बढ़ जाता है। ऐसा देखा गया है, कि ब्यांत के बाद पशुओं में 70 से 100 किलो तक के आसपास शरीर का वजन कम होने लगता है।  अमूमन आपने देखा भी होगा की पशु जब दूध देना शुरू करता है तो उसका वजन पहले 2 महीने में कम हो जाता हैI इससे स्पष्ट होता है कि पशु जितना एनर्जी दूध उत्पादन के लिए खर्च करता है, उतना एनर्जी उसे अपनी खुराक से नहीं मिल पाती है और पशु अपने शरीर की एनर्जी को दूध उत्पादन में लगा देता हैI  ऐसे में पशु का वजन कम होने अर्थात स्वास्थ्य गिरने पर उसके गर्भधारण करने में समय लगता है, साथ ही दूध उत्पादन भी गिरने लगता है।  पशु आहार में इस कमी को दूर करने के लिए ही ...