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चना छिलका रातब में मिलाएं, पशु के लिए स्वादिष्ट आहार बनाएं

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अगर आप अपने पशु के लिए फाइबर एवं ऊर्जा का कोई बेहतर उपाय तलाश रहे हैं तो चना छिलका आपके लिए उत्तम विकल्प बन सकता है। इसे चना छिलका या चना छोलिया भी कहा जाता हैI चना छिलका प्रोटीन, फाइबर, और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो आपके पशुओं के स्वास्थ्य और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।  डेयरी किसान पशु के रातब में चने का छिलका इसलिए मिलाते हैं क्योंकि चने के छिलके के साथ दुधारू पशु रातब को पसंद करता है, चाव से खाता है। पसंदीदा चना छिलके के साथ पशु रातब और चारा  (भूसा, हरा चारा, साइलेज ) जो उसको खिलाया जाता है, को पेट भरकर खा लेता है। पशु पालक का पहला उद्देश्य होता है कि पशु पेट भर खा लेगा तो अधिक दूध देगा।  लेकिन होता क्या है कि अमूमन कई बार ऐसा रफेज (चारा,भूंसा, साइलेज) या दूसरा दाना देने पर जिसे पशु खाना पसंद नहीं करता। ऐसे में चना छिलका साथ में मिलाकर देने पर चने की महक सूंघकर पशु अन्य दाने को चाव से खा लेता है। चने का छिलका पानी में भिगोकर रखने से वो काफी फूल जाता है और देखने में रातब अधिक लगता है। पशु पालक इसे बाल्टी भरकर पशु को खिलाते हैं जिसे पशु चाव से खाता ह...

अपने पशुओं के लिए पशुपालक रातब का चयन कैसे करें?

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  पशुपालन में सफलता का पैमाना अक्सर दूध उत्पादन से तय होता हैI हर पशुपालक यही चाहता है कि उसके पशु स्वस्थ रहें और अधिकतम दूध दें, लेकिन पशुओं से अधिक दूध पाने के लिए सिर्फ इच्छा काफी नहीं है, बल्कि उनके लिए एक संतुलित आहार और स्मार्ट पशुपालन की आवश्यकता होती है । ऐसे में काफी लोगों का पूछना भी होता है कि पशु का दूध कैसे बढ़ेगा और उसे क्या खिलाना चाहिएI पशु से अधिक्तम दूध पाने के लिए उन्हें नियमित संतुलित रातब खिलाएंI क्योंकि  जब पशुओं को संतुलित आहार मिलता है, तो वे स्वस्थ रहते हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और दूध उत्पादन की प्रक्रिया भी दुरुस्त रहती हैI नतीजा, आपको स्वस्थ पशु और अधिक मात्रा में दूध मिलता है । संतुलित रातब में अनाज की कितनी मात्रा होनी चाहिए : पूरे रातब में अनाज का प्रतिशत 35-40 होना चाहिए। अनाज में जई, मक्का, ज्वार, जौं, गेहूं, बाजरा रखें। किसान को बाजार में सभी अनाज के दाम की जानकारी रखनी चाहिए। क्योंकि मौसम के अनुसार ही बाजार में अनाज उपलब्ध होते हैं उसी के अनुसार दाम कम और ज्यादा निर्धारित किए जाते हैं।  अनाज का चयन कैसे करें? इसके द...