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Showing posts from January, 2024

ऑनलाइन पशु खरीदने के लाभ और चुनौतियां: आपको क्या जानना चाहिए (हिंदी)

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क्या आप पशु खरीदने की सोच रहे हैं? अगर ऐसा है, तो आपके लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। आज तक पशुपालक  ऑफलाइन तरीकों जैसे: स्थानीय पशु मंडी/देहात से पशु खरीदते आए हैं लेकिन अब तो ऑनलाइन माध्यम से भी  पशु खरीदें जा सकते हैं I    स्थानीय पशु मंडी में अधिकतर उत्तम किस्म की मुर्रा भैंस नहीं मिलती है, किसान मुर्रा भैंस पसंद करते हैं और उसे खरीदने के लिए हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के दूर स्थित मंडियों और देहात के इलाकों में जाकर पशु तलाश कर खरीदते हैं I      किसानों को आने वाली परेशानियां:  नकद लेकर दूर जाने का जोखिम   पशु एक दिन में नहीं मिलता हैं जिसके चलते ठहेरने में काफी परेशानी होती हैI मंडियों में केवल एक टाइम की मिल्किंग देखी जा सकती है, जो पर्याप्त नहीं होतीI मंडी में विक्रेता पशु का एक टाइम का दूध रोक कर किसान को दिखाते हैI जिसके कारण सही दूध का पता नहीं लगता हैI    2-4 घंटे में किसान को पशु के बीमारी की कोई जानकारी नहीं मिल पातीI 1-2 पशु खरीदने पर परिवहन का खर्च अधिक लगता हैI  वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन माध्यम से मेराप...

पशु आहार की गुणवत्ता पर भंडारण और रख-रखाव का प्रभाव (हिंदी)

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पशु आहार पशुओं के पोषण के लिए आवश्यक होता है। यह उन्हें स्वस्थ और उत्पादक रहने में मदद करता है। पशु आहार की गुणवत्ता उसकी नमी, भंडारण स्थान और रख-रखाव पर भी निर्भर करती है। यदि पशु आहार उचित स्थान पर नहीं रखा जाता है, तो उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। पशु आहर जैसे- सरसों की खल, बिनौले की खल, चना चूरी, चोकर, दलिया और संतुलित पशु आहार इन सभी पर भंडारण के दौरान ऐसा प्रभाव भी पड़ सकता है, जो पशु को नुकसान पहुंचा दे। अथवा दुर्गंध युक्त पशु के न खाने योग्य हो जाए। जैसे: पशु आहार में फफूंद लगना, सुरसुरी आनाI ऐसा होना भी 2 बातों पर निर्भर करता है: पहला: जहाँ पर आपका भंडारण है उसकी स्थिति कैसी है? वो कितना हवादार है, उसमें सीलन आती है या नहीं , साफ-सुथरा है कि नहीं इत्यादि चीजे मायने रखती हैं । दूसरा: आप भंडारण के लिए जो पशु आहार रख रहे है उसमें नमी कितनी है? पशु आहार में नमी 10 से 11 प्रतिशत होनी चाहिए। ऐसे तो नहीं जो पशु आहार आप रख रहे हैं उसमें नमी का प्रतिशत अधिक है या उसके बैग का पहले से ही कुछ भाग भीगा हुआ हो । क्योंकि अधिक नमी और भीगे पशु आहार खली, चूरी, चौकर आदि में फंगस की संभावना रहती...

पशु कहां से खरीदें: विभिन्न स्रोतों और विकल्पों की खोज (हिंदी)

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मिक्स फार्मिंग में डेयरी क्षेत्र का विस्तार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि किसान के पास कृषि योग्य भूमि कम होती जा रही है। इसलिए भारत में पशुपालन का अत्यधिक महत्व है। भारत के किसान खेती करने के साथ-साथ पशु पालन भी करते आ रहे हैं जिससे उनकी आय में अधिक वृद्धि होती है। देखा जाए तो पशुपालन कृषि का एक अभिन्न अंग है जिसे किसानों की आमदनी बढ़ाने का सबसे सटीक व्यवसाय माना जाता है। आज दूध उत्पादन (डेयरी) व्यवसाय एक डेयरी उद्योग के रूप में स्थापित हो चुका है। डेयरी व्यवसाय मिक्स फार्मिंग में आजीविका का एक परंपरागत स्रोत रहा है तथा इसका भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के साथ करीबी नाता रहा है। आमतौर पर भारत में दूध उत्पादन के लिए गायों और भैसों को पाला जाता है।  ऐसे में प्रत्येक पशुपालक अधिक दूध देने वाला पशु खरीदना चाहते हैं। भारत में पशुओं की कीमत उनकी नस्ल, ब्यात और दूध पर आधारित होती है। देखा जाए तो दुधारू पशुओं में डेयरी के लिए भैसों की डिमांड ज्यादा रहती हैं। लेकिन डेयरी के लिए सर्वोतम मुर्रा नस्ल की भैंस पशुपालकों की पहली पसंद हैI हरियाणा राज्य के अधिकतर जिलों जैसे- जींद, हिसार, रोहतक, ...