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अपने पशुओं के लिए पशुपालक रातब का चयन कैसे करें?

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  पशुपालन में सफलता का पैमाना अक्सर दूध उत्पादन से तय होता हैI हर पशुपालक यही चाहता है कि उसके पशु स्वस्थ रहें और अधिकतम दूध दें, लेकिन पशुओं से अधिक दूध पाने के लिए सिर्फ इच्छा काफी नहीं है, बल्कि उनके लिए एक संतुलित आहार और स्मार्ट पशुपालन की आवश्यकता होती है । ऐसे में काफी लोगों का पूछना भी होता है कि पशु का दूध कैसे बढ़ेगा और उसे क्या खिलाना चाहिएI पशु से अधिक्तम दूध पाने के लिए उन्हें नियमित संतुलित रातब खिलाएंI क्योंकि  जब पशुओं को संतुलित आहार मिलता है, तो वे स्वस्थ रहते हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और दूध उत्पादन की प्रक्रिया भी दुरुस्त रहती हैI नतीजा, आपको स्वस्थ पशु और अधिक मात्रा में दूध मिलता है । संतुलित रातब में अनाज की कितनी मात्रा होनी चाहिए : पूरे रातब में अनाज का प्रतिशत 35-40 होना चाहिए। अनाज में जई, मक्का, ज्वार, जौं, गेहूं, बाजरा रखें। किसान को बाजार में सभी अनाज के दाम की जानकारी रखनी चाहिए। क्योंकि मौसम के अनुसार ही बाजार में अनाज उपलब्ध होते हैं उसी के अनुसार दाम कम और ज्यादा निर्धारित किए जाते हैं।  अनाज का चयन कैसे करें? इसके द...

संतुलित आहार के साथ भैंसों के दूध उत्पादन में ऐसे करें सुधार (हिंदी)

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भैंस को स्वस्थ रखने और अधिक दूध का उत्पादन करने के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता होती हैI क्योंकि यह एक ऐसा आहार है जिसे भैंस की विशिष्ट पोषण आवश्यकता को पूरा करने के लिए तैयार किया गया हैI इसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व शामिल होते हैं जैसे- प्रोटीन, फैट, मिनरल्स इत्यादि । भैंस से आने वाले ब्यांत में भरपूर दूध प्राप्त करने के लिए तैयारी भैंस के ब्याने के दो माह पहले से करनी चाहिए। गर्भधारण के अंतिम दो माह में भैंस के पेट में पल रहे फीटस (भ्रूण)में तेजी से वृद्धि होती है। अतः भैंस को बाॅडी साइज के अनुसार 2 से 3 किलो संतुलित आहार देना चाहिए। भैंस ब्याने से पहले अतिरिक्त वजन के साथ बॉडी कंडीशन स्कोर 4 या 4.5 प्राप्त कर ले। भैंस की त्वचा में सेहत की चमक आनी चाहिए। इसके लिए आप भैंस के ब्याने से दो माह पहले एक बार डिवर्मिंग करा दें। इस समय में अच्छे पशु प्रबधंन की आवश्यकता होती है जैसे: समय से पानी पिलाना, धूप-छाव में समय से बांधना और बाडे को स्वच्छ रखना आदि। भैंस के ब्याने के बाद ब्यांत के प्रारम्भिक दिनों में काविंग स्ट्रेस (बच्चा देना) और अधिक दूध उत्पादन के कारण भैंस का वजन कम होता जाता है। ...