जानलेवा और लक्षणहीन: दुधारू पशुओं में कीटोसिस रोग से बचाव
दुधारू पशुओं में होने वाली कीटोसिस बीमारी एक गंभीर मेटाबोलिक बीमारी है जो अक्सर ब्यात के पहले 2 महीने में होती है। यह बीमारी अक्सर लक्षणहीन होती है, जिससे पशुपालकों के लिए इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह पशु के स्वास्थ्य, दूध उत्पादन और यहां तक कि जीवन के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है।
कीटोसिस के लक्षण: जैसा कि पहले बताया गया है, कीटोसिस के शुरुआती लक्षण अक्सर सूक्ष्म होते हैं और पशुपालकों द्वारा इसे पता लगा पाना बेहद मुश्किल होता है। इनमें शामिल हैं:
पशु का धीरे-धीरे चारा खाना कम करना
दूध उत्पादन में गिरावट
वजन कम होना
पशु का तेज़ी से वजन कम होना
दूध उत्पादन में भारी गिरावट
चलने में लड़खड़ाहट
केवल खुर चाटना
पहले ब्यांत के अंत में पशु को पूरा आहार दें।
पहले ब्यांत में ही दूध देना बंद करने पर भैंस का शरीर बनाने के लिए अच्छा रातब दें।
ब्याने के दौरान पशु की सेहत अच्छी हो यानी उसका बॉडी स्कोर 3.5 से ऊपर होना चाहिए।
उच्च ऊर्जा वाले आहार खिलाएं, जिसमें अनाज, तिलहन और फलियां शामिल हों।
ताजा और स्वच्छ पानी हमेशा उपलब्ध कराएं।
नियमित रूप से पशुओं की जांच करवाएं और किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षणों पर ध्यान दें।
