बछड़े का ध्यान कैसे रखें और डेयरी का मुनाफा कैसे बढ़ाए
किसान भाइयों, डेयरी फार्मिंग में बछड़ियों और कटड़ियों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। डेयरी फार्म की हानि और लाभ को बछड़ियां एवं कटड़ियां अत्यधिक प्रभावित करती हैं। इसलिए पशुपालकों को डेयरी फार्म में कुछ बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए, जो बछड़ियों के जन्म से लेकर उनके जल्दी बड़े होने तक के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में आप कुछ सावधानियों का ध्यान रखकर नवजात बछड़ियों/कटड़ियों की सही तरीके से देखभाल कर सकते हैं ताकि वे स्वस्थ और उत्पादक बन सकें।
बछड़ी/कटड़ी के जन्म के समय:
जब बछड़ी या कटड़ी जन्म लेती है, उसके नाल को काटते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। नाल को काटने के लिए हमेशा नया ब्लेड इस्तेमाल करें और घर के चाकू का प्रयोग बिल्कुल न करें। नाल को 2.5 से 3 इंच छोड़कर काटें और उसमें बंद लगा दें। नाल को संक्रमण से बचाने के लिए 2 प्रतिशत टिंचर आयोडीन का घोल रखें और उसमें नाल के हिस्से को डुबो दें। यह प्रक्रिया दिन में दो बार दोहराएं। यह सावधानी नवजात बछड़ी को स्वस्थ रखने में मदद करेगी।
ब्याने के बाद पहला दिन:
नवजात बछड़ी या कटड़ी को जन्म के तुरंत बाद मां का दूध पिलाना चाहिए। इससे नवजात को बीमारी से लड़ने की ताकत मिलेगी, जो पहले 24 घंटों में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नवजात 24 घंटे तक मां का पहला दूध (खीस) पचा सकता है, इसलिए इस दौरान उसे जल्दी दूध पिलाना आवश्यक है। इससे मां भी जल्दी जेर गिरा देगी। इसी के साथ नवजात को खुला छोड़ देना बेहतर होगा ताकि वह सहज महसूस करे। यदि खुला नहीं छोड़ सकते, तो हर 2 घंटे बाद नवजात को मां का दूध पिलाएं। इससे नवजात के शुरुआती 2-3 महीनों में बीमारियों से लड़ने की ताकत बनी रहेगी।
शुरुआती महीनों में देखभाल:
नवजात बछड़ी के 15 दिन के होते ही पहली डोज कीड़े मारने की दें। पहले 3 महीने तक हर महीने डीवार्मिंग की खुराक दें और उसके बाद हर 4 महीने पर। नवजात के पहले 2 महीने काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान उसे नियमित 2 से 2.5 लीटर दूध पिलाना चाहिए। पहले 1 महीने तक यह प्रक्रिया जरूर अपनाएं। पशुपालक यह भी कर सकते हैं कि नवजात को 1 से 1.5 लीटर दूध पशु का पिलाएं और 1 लीटर दूध में दलिया मिलाकर खिलाएं। इससे शिशु का शारीरिक विकास होगा और वह जल्दी बड़ा होगा।
1 साल के बाद मादा बछड़े की देखभाल:
मादा बछडी के लिए काफ स्टार्टर तैयार कर लें।
उसमें मक्का 52 भाग, जई 25 भाग, सोयाबीन मील 20 भाग, साल्ट 0.5 भाग, मिनरल मिक्चर 1.5 भाग, विटामिन्स 1 भाग। फिर 2 माह बाद नवजात का दूध कम कर दें और काफ स्टार्टर एक साल तक 200-500 ग्राम प्रतिदिन देते रहें। तत्पश्चात दो वर्ष तक वजनानुसार काफ स्टार्टर बढ़ाते रहें। और दो किलोग्राम प्रतिदिन तक देते रहें। इस तरह की खुराक देने से क्रॉस ब्रीड की मादा बछड़ी 18-20 माह में ही हीट पर आ जाएगी। और भैंस की नवजात मादा करीबन 2.5 साल में अपनी पहली हीट पर आ जायेगी। काफ की डिहार्निंग 10-12 दिन के बाद करा देनी चाहिए। बछड़ी 4 महीने की होने पर पशु चिकित्सक से संपर्क कर ब्रुसेलोसिस, एफ.एम.डी का टीकाकरण करा लेना चाहिए।
डेयरी में नवजात बछड़ी/कटड़ी की इस तरह से देखभाल करने और ध्यान देने से नवजात पशु स्वस्थ भी रहेगा और डेयरी फार्म की उत्पादकता में भी वृद्धि होगी।