पशु आहार की गुणवत्ता पर भंडारण और रख-रखाव का प्रभाव (हिंदी)
पशु आहार पशुओं के पोषण के लिए आवश्यक होता है। यह उन्हें स्वस्थ और उत्पादक रहने में मदद करता है। पशु आहार की गुणवत्ता उसकी नमी, भंडारण स्थान और रख-रखाव पर भी निर्भर करती है। यदि पशु आहार उचित स्थान पर नहीं रखा जाता है, तो उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है।
पशु आहर जैसे- सरसों की खल, बिनौले की खल, चना चूरी, चोकर, दलिया और संतुलित पशु आहार इन सभी पर भंडारण के दौरान ऐसा प्रभाव भी पड़ सकता है, जो पशु को नुकसान पहुंचा दे। अथवा दुर्गंध युक्त पशु के न खाने योग्य हो जाए।
जैसे: पशु आहार में फफूंद लगना, सुरसुरी आनाI ऐसा होना भी 2 बातों पर निर्भर करता है:
पहला: जहाँ पर आपका भंडारण है उसकी स्थिति कैसी है?
वो कितना हवादार है, उसमें सीलन आती है या नहीं , साफ-सुथरा है कि नहीं
इत्यादि चीजे मायने रखती हैं।
दूसरा: आप भंडारण के लिए जो पशु आहार रख रहे है उसमें नमी कितनी है? पशु आहार में नमी 10 से 11 प्रतिशत होनी चाहिए। ऐसे तो नहीं जो पशु आहार आप रख रहे हैं उसमें नमी का प्रतिशत अधिक है या उसके बैग का पहले से ही कुछ भाग भीगा हुआ हो।
क्योंकि अधिक नमी और भीगे पशु आहार खली, चूरी, चौकर आदि में फंगस की संभावना रहती है I फंगस में अफ्लाटोक्सिन होता है जो पशु के स्वास्थ और उत्पादकता पर बुरा असर डालता है। यह अफ्लाटॉक्सिन पशु के दूध में निकलता है और मनुष्य के लिए अति हानिकारक होता है और नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचाता है ।
ऐसे में चाहे पशु आहार में नमी ज्यादा हो या फिर ऐसा भंडारण का स्थान जहां पर नमी आ जाती हैI दोनों ही स्थिति में पशु आहार में फंगस लग जाता हैI जो पशु के साथ-साथ दूध के माध्यम से मनुष्य के लिए भी हानिकारक साबित होता है।
पशु आहार का भंडारण और कीट
जब हम भंडारण कर रहे होते हैं, तो ध्यान देना जरूरी है पशु आहार, खली चूरी, चौकर, अनाज आदि कीट रहित हो और भंडारन स्थान पर भी कीट नहीं होने चाहिएI इसके लिए आप धूमन (fumigation) कर सकते हैंI या फिर भंडारण के स्थान पर झाड़ू लगाकर पहले से ही साफ-सफाई कर सकते हैंI
संतुलित पशु आहार का अपना एक समय “use best before” होता है जो 60 दिन होता है। इसलिए वो समय से पहले इस्तेमाल हो जाए तो अच्छा है।